श्री राम चालीसा PDF | Shri Ram Chalisa in Hindi PDF 2024 Free Download

Share this article :

अगर आप Shri Ram Chalisa in Hindi PDF(श्री राम चालीसा PDF) फ्री में डाउनलोड करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए Shri Ram Chalisa in Hindi PDF लिंक पर क्लिक करके फाइल डाउनलोड कर सकते हैं।

इसके अलावा आप श्री राम चालीसा PDF के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारा पेज पढ़ सकते हैं। अन्य चालीसा पीडीएफ जैसे Durga Chalisa, Hanuman Sathika Odia PDF आदि डाउनलोड करने के लिए आप हमारी वेबसाइट (PDFKro.Com) पर जा सकते हैं।

Shri Ram Chalisa in Hindi PDF
Shri Ram Chalisa in Hindi PDF

If you want to download ‘Shri Ram Chalisa in Hindi PDF‘ for free, then you can download the file by clicking the ‘Shri Ram Chalisa in Hindi PDF‘ link given below.

Also you can read our page for more details about “Shri Ram Chalisa PDF“. You can visit our website (PDFKro.Com) to download other chalisa & aarti PDF.

Shri Ram Chalisa (श्री राम चालीसा) एक पवित्र और भक्ति गीत है। नियमित रूप से श्री राम चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन से दुख, दर्द, अवसाद दूर हो जाते हैं और जीवन जीने की शक्ति मिलती है।

श्री राम चालीसा लिखित और पीडीएफ दोनों प्रारूपों में उपलब्ध है। इस पाठ के चमत्कार से प्रभावित होकर कई लोग श्री राम चालीसा का अर्थ सहित पाठ करते हैं ताकि वे इसकी महिमा जान सकें।

श्री राम चालीसा | Shri Ram Chalisa in Hindi PDF Details

PDF NameShri Ram Chalisa
PDF Size1.2 MB
PDF CategoryChalisa
No Of Pages3
LanguageHindi
Source/CreditMultiple Sources
Last Update1 Day ago
Uploaded BySumit
Download LinkAvailable
Shri Ram Chalisa in Hindi PDF Details

श्री राम चालीसा Video & MP3 हिंदी में

श्री राम चालीसा Video & MP3 हिंदी में

श्री राम चालीसा हिंदी अर्थ सहित | Shri Ram Chalisa Lyrics in Hindi With Meaning

दोहा

आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं

वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं

बाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम्प

श्चद्रावनं कुम्भकर्णं हननं एतद्धि रामायणं

चौपाई

श्री रघुबीर भक्त हितकारी।

सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी॥

निशि दिन ध्यान धरै जो कोई।

ता सम भक्त और नहिं होई॥

अर्थ :- हे रघुबीर, भक्तों का कल्याण करने वाले हे भगवान श्री राम हमारी प्रार्थना सुन लिजिये। हे प्रभु जो दिन रात केवल आपका ध्यान धरता है अर्थात हर समय आपका स्मरण करता है, उसके समान दूसरा भक्त कोई नहीं है।

ध्यान धरे शिवजी मन माहीं।

ब्रह्मा इन्द्र पार नहिं पाहीं॥

दूत तुम्हार वीर हनुमाना।

जासु प्रभाव तिहूँ पुर जाना॥

अर्थ :- भगवान शिव भी मन ही मन आपका ध्यान करते हैं, ब्रह्मा, इंद्र आदि भी आपकी लीला को पूरी तरह नहीं जान सके। आपके दूत वीर हनुमान हैं तीनों लोकों में जिनके प्रभाव को सब जानते हैं।

जय जय जय रघुनाथ कृपाला।

सदा करो सन्तन प्रतिपाला॥

तुव भुजदण्ड प्रचण्ड कृपाला।

रावण मारि सुरन प्रतिपाला॥

अर्थ :- हे कृपालु रघुनाथ सदा संतो का प्रतिपालक श्री राम आपकी जय हो, जय हो, जय हो। हे प्रभु आपकी भुजाओं में अपार शक्ति है लेकिन इनसे हमेशा कल्याण हुआ है, अर्थात आपने हमेशा अपनी कृपा बरसाई है। हे देवताओं के प्रतिपालक भगवान श्री राम आपने ही रावण जैसे दुष्ट को मारा।

तुम अनाथ के नाथ गोसाईं।

दीनन के हो सदा सहाई॥

ब्रह्मादिक तव पार न पावैं।

सदा ईश तुम्हरो यश गावैं॥

अर्थ :- हे प्रभु हे स्वामी जिसका कोई नहीं हैं उसका दामन आप ही थामते हैं, अर्थात आप ही उसके स्वामी हैं, आपने हमेशा दीन-दुखियों का कल्याण किया है। ब्रह्मा आदि भी आपका पार नहीं पा सके, स्वयं ईश्वर भी आपकी कीर्ति का गुणगान करते हैं।

चारिउ वेद भरत हैं साखी।

तुम भक्तन की लज्जा राखी॥

गुण गावत शारद मन माहीं।

सुरपति ताको पार न पाहीं॥

अर्थ :- आपने हमेशा अपने भक्तों का मान रखा है प्रभु, चारों वेद भी इसके साक्षी हैं। हे प्रभु शारदे मां भी मन ही मन आपका स्मरण करती हैं। देवराज इंद्र भी आपकी महिमा का पार न पा सके।

नाम तुम्हार लेत जो कोई।

ता सम धन्य और नहिं होई॥

राम नाम है अपरम्पारा।

चारिहु वेदन जाहि पुकारा॥

अर्थ :- जो भी आपका नाम लेता है, उसके समान धन्य और कोई भी नहीं है। हे श्री राम आपका नाम अपरम्पार है, चारों वेदों ने पुकार-पुकार कर इसका ही बखान किया है। अर्थात चारों वेद आपकी महिमा को अपम्पार मानते हैं।

गणपति नाम तुम्हारो लीन्हों।

तिनको प्रथम पूज्य तुम कीन्हों॥

शेष रटत नित नाम तुम्हारा।

महि को भार शीश पर धारा॥

अर्थ :- भगवान श्री गणेश ने भी आपके नाम का स्मरण किया, सबसे पहले उन्हें पूजनीय आपने ही बनाया। शेषनाग भी हमेशा आपके नाम का जाप करते हैं जिससे वे पृथ्वी के भार को अपने सिर पर धारण करने में सक्षम हुए हैं।

Also Read : Free Ganesh Chalisa Pdf Hindi Download – गणेश चालीसा हिंदी पीडीएफ 2023

फूल समान रहत सो भारा।

पावत कोउ न तुम्हरो पारा॥

भरत नाम तुम्हरो उर धारो।

तासों कबहुँ न रण में हारो॥

अर्थ :- आपके स्मरण से बड़े से बड़ा भार भी फूल के समान लगता है। हे प्रभु आपका पार कोई नहीं पा सकता अर्थात आपकी महिमा को कोई नहीं जान सकता।भरत ने आपका नाम अपने हृद्य में धारण किया इसलिए उसे युद्ध में कोई हरा नहीं सका।

नाम शत्रुहन हृदय प्रकाशा।

सुमिरत होत शत्रु कर नाशा॥

लषन तुम्हारे आज्ञाकारी।

सदा करत सन्तन रखवारी॥

अर्थ :- शत्रुहन के हृदय में भी आपके नाम का प्रकाश था इसलिए तो आपका स्मरण करते ही वे शत्रुओं का नाश कर देते थे। लक्ष्मण आपके आज्ञाकारी थे जिन्होंनें हमेशा संतों की रखवाली की सुरक्षा की।

ताते रण जीते नहिं कोई।

युद्ध जुरे यमहूँ किन होई॥

महा लक्ष्मी धर अवतारा।

सब विधि करत पाप को छारा॥

अर्थ :- उनसे भी कोई युद्ध नहीं जीत सकता था चाहे युद्ध में स्वयं यमराज क्यों न लड़ रहे हों। आपके सा -साथ मां महालक्ष्मी ने भी अवतार रुप लेकर हर विधि से पाप का नाश किया।

सीता राम पुनीता गायो।

भुवनेश्वरी प्रभाव दिखायो॥

घट सों प्रकट भई सो आई।

जाको देखत चन्द्र लजाई॥

अर्थ :- इसीलिए सीता राम का पवित्र नाम गाया जाता है। मां भुवनेश्वरी अपना प्रभाव दिखाती हैं। माता सीता ने जब अवतार लिया तो वे घट यानि घड़े से प्रकट हुई इनका रुप इतना सुंदर था कि जिन्हें देखकर चंद्रमा भी शरमा जाए।

सो तुमरे नित पांव पलोटत।

नवो निद्धि चरणन में लोटत॥

सिद्धि अठारह मंगल कारी।

सो तुम पर जावै बलिहारी॥

अर्थ :- हे प्रभु जो नित्य आपके चरणों को धोता है नौ निधियां उसके चरणों में लौट लगाती हैं। उसके लिए अठारह सिद्धियां (मार्कंडेय पुराण के अनुसार सिद्धियां आठ होती हैं जबकि ब्रह्मवैवर्त पुराण में अठारह बताई गई हैं) मंगलकारी होती हैं जो आप पर न्यौछावर हैं।

औरहु जो अनेक प्रभुताई।

सो सीतापति तुमहिं बनाई॥

इच्छा ते कोटिन संसारा।

रचत न लागत पल की बारा॥

अर्थ :- हे सीता पति भगवान श्री राम, अन्य जितने देवी-देवता हैं, सब आपने ही बनाए हैं। आपकी इच्छा हो तो आपको करोड़ों संसारों की रचना करने में भी पल भर की देरी न लगे।

जो तुम्हरे चरनन चित लावै।

ताको मुक्ति अवसि हो जावै॥

सुनहु राम तुम तात हमारे।

तुमहिं भरत कुल- पूज्य प्रचारे॥

अर्थ :- जो आपके चरणों में ध्यान लगाता है उसकी मुक्ति अवश्य हो जाती है। हे श्री राम सुन लिजिये आप ही हमारे पिता हैं, आप ही भारतवर्ष में पूज्य हैं।

तुमहिं देव कुल देव हमारे।

तुम गुरु देव प्राण के प्यारे॥

जो कुछ हो सो तुमहीं राजा।

जय जय जय प्रभु राखो लाजा॥

अर्थ :- हे देव आप ही हमारे कुलदेव हैं, हे गुरु देव आप हमें प्राणों से प्यारे हैं। हे प्रभु श्री राम हमारे जो कुछ भी हैं, सब आप ही हैं, हमारी लाज रखिये, आपकी जय हो प्रभु।

रामा आत्मा पोषण हारे।

जय जय जय दशरथ के प्यारे॥

जय जय जय प्रभु ज्योति स्वरूपा।

निगुण ब्रह्म अखण्ड अनूपा॥

अर्थ :- हे हमारी आत्मा का पोषण करने वाले दशरथ प्यारे भगवान श्री राम, आपकी जय हो।हे ज्योति स्वरुप प्रभु, आपकी जय हो। आप ही निर्गुण ईश्वर हैं, जो अद्वितीय है, अखंडित है।

सत्य सत्य जय सत्यव्रत स्वामी।

सत्य सनातन अन्तर्यामी॥

सत्य भजन तुम्हरो जो गावै।

सो निश्चय चारों फल पावै॥

अर्थ :- हे सत्य रुप, सत्य के पालक आप ही सत्य हैं, आपकी जय हो। अनादिकाल से ही आप सत्य हैं, अंतर्यामी हैं। सच्चे हृदय से जो आपका भजन करता है, उसे चारों फल प्राप्त होते हैं।

सत्य शपथ गौरीपति कीन्हीं।

तुमने भक्तहिं सब सिद्धि दीन्हीं॥

ज्ञान हृदय दो ज्ञान स्वरूपा।

नमो नमो जय जापति भूपा॥

अर्थ :- इसी सत्य की शपथ भगवान शंकर ने की जिससे आपने उन्हें भक्ति के साथ-साथ सब सिद्धियां भी दी। हे ज्ञान स्वरुप, हमारे हृदय को भी ज्ञान दो, हे जगपति, हे ब्रह्माण्ड के राजा, आपकी जय हो, हम आपको नमन करते हैं।

धन्य धन्य तुम धन्य प्रतापा।

नाम तुम्हार हरत संतापा॥

सत्य शुद्ध देवन मुख गाया।

बजी दुन्दुभी शंख बजाया॥

अर्थ :- आपका प्रताप धन्य है, आप भी धन्य हैं, प्रभु आपका नाम सारे संतापों अर्थात सारे कष्टों का हरण कर लेता है। आप ही शुद्ध सत्य हैं, जिसे देवताओं ने अपने मुख से गाया था, जिसके बाद शंख की दुंदुभी बजी थी।

सत्य सत्य तुम सत्य सनातन।

तुमहीं हो हमरे तन मन धन॥

याको पाठ करे जो कोई।

ज्ञान प्रकट ताके उर होई॥

अर्थ :- अनादिकाल से आप ही सत्य हैं, हे प्रभु आप ही हमारा तन-मन-धन हैं। जो कोई भी इसका पाठ करता है, उसके हृदय में ज्ञान का प्रकाश होता है, अर्थात उसे सत्य का ज्ञान होता है।

आवागमन मिटै तिहि केरा।

सत्य वचन माने शिव मेरा ॥

और आस मन में जो ल्यावै।

तुलसी दल अरु फूल चढ़ावै॥

अर्थ :- उसका आवागमन मिट जाता है, भगवान शिव भी मेरे इस वचन को सत्य मानते हैं। यदि और कोई इच्छा उसके मन में होती हैं तो इच्छानुसार फल प्राप्त होते हैं।

Also Read : Free Shiv Ji Chalisa PDF Download In Hindi 2023 | शिव चालीसा

तीनहुं काल ध्यान जो ल्यावै।

तुलसी दल अरु फूल चढ़ावै॥

साग पत्र सो भोग लगावै।

सो नर सकल सिद्धता पावै॥

अर्थ :- जो कोई भी तीनों काल प्रभु का ध्यान लगाता है। प्रभु को तुलसी दल व फूल अर्पण करता है। साग पत्र से भोग लगाता है, उसे सारी सिद्धियां प्राप्त होती हैं।

अन्त समय रघुबर पुर जाई।

जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई॥

श्री हरि दास कहै अरु गावै।

सो वैकुण्ठ धाम को पावै॥

अर्थ :- अंतिम समय में वह रघुबर पुर अर्थात स्वर्गलोक में गमन करता हैं, जहां पर जन्म लेने से ही जीव हरिभक्त कहलाता है। श्री हरिदास भी गाते हुए कहते हैं वह बैकुण्ठ धाम को प्राप्त करता है।

दोहा

सात दिवस जो नेम कर पाठ करे चित लाय।

हरिदास हरिकृपा से अवसि भक्ति को पाय॥

अर्थ :- यदि कोई भी सात दिनों तक नियम पूर्वक ध्यान लगाकर पाठ करता है, तो हरिदास जी कहते हैं कि भगवान विष्णु की कृपा से वह अवश्य ही भक्ति को पा लेता है।

राम चालीसा जो पढ़े रामचरण चित लाय ।

जो इच्छा मन में करै सकल सिद्ध हो जाय ॥

अर्थ :- राम के चरणों में ध्यान लगाकर जो कोई भी, इस राम चालीसा को पढ़ता है, वह जो भी मन में इच्छा करता है, वह पूरी होती है।

राम चालीसा पढ़ने के फायदे | Benefits Of Reading Ram Chalisa

बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए सबसे पहले भगवान श्री राम को प्रसन्न करें। याद रखें कि जहां भगवान राम प्रसन्न होते हैं, वहां बजरंगबली भी प्रसन्न होते हैं। भगवान श्रीराम को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका है श्रद्धापूर्वक Shri Ram Chalisa का पाठ करना।

और बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए Hanuman Chalisa से पहले Shri Ram Chalisa का पाठ करें। श्री राम चालीसा पढ़ने के लाभों के बारे में नीचे विस्तार से चर्चा की गई है।

Also Read : Free Download Full Hanuman Chalisa PDF In Hindi 2023 – हनुमान चालीसा

Shri Ram Chalisa in Hindi PDF
  • 1. मर्यादा में रहना :- प्रभु श्री राम जी की चालीसा का पाठ नित्य करने से व्यक्ति का मन शांत होता है, उसमें ज्ञान विवेक का – विकास होता है, जिसके कारण वह बुरी संगति से दूरी बनाए रखता है। वह पूर्ण रूप से मर्यादा में रहकर लोगो का परोपकार करता है।
  • 2. मान सम्मान, यश बढ़ाना:- अयोध्या के राजा मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी की चालीसा का पाठ नित्य करने से व्यक्ति उच्च पदों को प्राप्त करता है, उसका समाज, परिवार में अच्छा नाम होता है। सभी व्यक्ति उस व्यक्ति का सम्मान करते है। उस व्यक्ति के यश में निरन्तर वृद्धि होती रहती है।
  • 3. शत्रुओं का नाश:- रघुकुलनंदन प्रभु श्री राम जी की चालीसा का पाठ जो व्यक्ति भगवान महादेव के सामने घी का दीपक जलाकर रोज करता है उसके सभी शत्रुओं का नाश होता है। उन्हें कभी भी शत्रु परेशान नही कर पाते है। भगवान श्री राम की कृपा से वह हर जगह विजय प्राप्त करते है।
  • 4. सुख-सौभाग्य में वृद्धि:- जो व्यक्ति निरन्तर पूरे विधि विधान से श्री राम दरबार की तस्वीर / मूर्ति की पूजा करने के पश्चात श्री राम चालीसा का पाठ करता है उस व्यक्ति के सुख- सोभाग्य में वृद्धि होती है। वह अपने जीवन की हर मनोकामना को पूर्ण प्राप्त कर पाता है। प्रभु श्री राम जी की जो भी व्यक्ति सच्चे मन से भक्ति करता है उसके जीवन मे वह समस्त सुख सुविधाओं का आनंद पूर्वक – उपयोग करता है।
  • 5. दाम्पत्य जीवन मे खुशी:- मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम एवँ माता सीता की मूर्ति / तस्वीर के सामने घी का दीपक लगाकर पूजा करने के पश्चात गुलाब का इत्र लगावे एवँ आसन पर बैठकर प्रभु श्री राम चालीसा का पाठ करे। जो भी व्यक्ति सम्पूर्ण समर्पण भाव एवँ आस्था के साथ यह कार्य करता है उसका दाम्पत्य जीवन खुशियों से भर जाता है वह हर प्रकार से अपने दांपत्य जीवन मे खुशी का अनुभव करता है।
  • 6. ग्रह क्लेश से छुटकारा :- जिस भी घर परिवार मे प्रभु श्री राम की चालीसा का नित्य पाठ किया जाता है उस घर में माँ लक्ष्मी का वास होता है। उस घर की समस्त समस्या स्वतः ही समाप्त हो जाती है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी की चालीसा का पाठ पूरे मन व आस्था के साथ करने से घर परिवार के लोगो मे अपनत्व बढ़ता है।

इसके अलावा इससे आप जुनून, निराशा, आशा, वासना और अन्य जैसे भावनाओं का सामना करने के लिए मानसिक शक्ति भी विकसित कर सकते हैं।

श्री राम चालीसा (Shri Ram Chalisa) परने से आप अपने परिवार को वित्तीय नुकसान, संकट और अलग-अलग प्रकार के दुखों से बचा सकते हैं।

श्री राम चालीसा पाठ विधि | Rules for Reciting Shri Ram Chalisa

  • श्री राम चालीसा ( Shri Ram Chalisa ) का पाठ करने का सबसे सुभ समय प्रातः काल और संध्या काल का समय।
  • स्नान आदि करने के पश्चात पवित्र और शुद्ध हो जायें औरपवित्र वस्त्र धारण करें।
  • चौकी अथवा लकड़ी के पटरे पर लाल वस्त्र बिछायें। उस पर श्री राम जी की मूर्ति स्थापित करें। साथ में श्रीराम दरबार की तस्वीर सजाएं। श्रीराम जी का पूरा दरबार जिसमें चारों भाई के साथ हनुमान जी भी दिखाई दे।
  • तदोपरान्त हाथ में जल ले कर नीचे दिए गए मंत्र पढ़ते हुए जल अपने ऊपर छिड़क कर अपने आप को पवित्र कर लें।

ॐ पवित्रः अपवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपिवा। यः स्मरेत्‌ पुण्डरीकाक्षं स वाह्यभ्यन्तर शुचिः॥

Shri Ram Chalisa in Hindi PDF
  • तदोपरान्त ” ॐ राम रामाय नमः ”मन्त्र का जाप करते हुए प्रभु श्री राम का आवाहन करें।
  • आवाहन करने के बाद राम जी को आसन ग्रहण करते हुए उन्हें धुप, दीप व नैवेद्य आदि अर्पित करें।
  • पाठ करने के पश्चात श्री राम जी की आरती भी करें.

How To Download Shri Ram Chalisa in Hindi PDF 2024 | श्री राम चालीसा हिंदी पीडीएफ कैसे डाउनलोड करें

श्री राम चालीसा पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने की प्रक्रिया बहुत आसान है। श्री राम चालीसा (Shri Ram Chalisa) पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आपको इस पेज के नीचे एक डाउनलोड लिंक मिलेगा।

लिंक ढूंढने के बाद उस लिंक पर क्लिक करें और डाउनलोड अपने आप शुरू हो जाएगा। फिर भी डाउनलोड करने में कोई दिक्कत हो तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं, हम आपकी समस्या का समाधान करने की कोशिश करेंगे, धन्यवाद।

Download : Shri Ram Chalisa in Hindi PDF

Conclusion:

एक बात का ध्यान रखें कि किसी भी मंत्र तंत्र या पूजा अर्चना से श्री राम प्रसन्न नहीं होते हैं। उसे खुश करने के लिए आपको समाज में अच्छे काम करने होंगे।

इसलिए अपने बुरे समय से छुटकारा पाने और इसके गुप्त गुणों को जानने के लिए श्री राम चालीसा पढ़ें और समाज में पांच और लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए अपने दैनिक जीवन में बहुत सारे अच्छे कार्य करें।

अन्य चालीसा पीडीएफ डाउनलोड के लिए हमारी वेबसाइट PDFKro.com पर जाएं। आपको हमारा आर्टिकल कैसा लगा नीचे कमेंट करें और अगर आपकी कोई राय या सुझाव है तो हमें जरूर बताएं।

FAQ :

राम जी की कितनी पत्नियां थी?

भगवान श्री राम की एक ही पत्नी थी, उन्होंने एक ही बार विवाह किया था, उनकी पत्नी का नाम सीता थी।

राम की कितनी बेटी थी?

राम की कोई पुत्री नहीं थी।

राम की प्रेमिका कौन थी?

भगवान श्री राम ने केवल एक ही व्यक्ति से प्रेम किया और विवाह किया। उसका नाम है सीता

राम की बेटी का क्या नाम था?

राम की कोई पुत्री नहीं थी। राजा दशरथ के केवल चार पुत्र और एक पुत्री थी

Another Chalisha Pdf:

शनि देव चालीसा ( Shani Dev Chalisa) PDF हिंदी में डाउनलोड करें

मां दुर्गा चालीसा | Durga Chalisa Pdf Download In Hindi

विंध्याचल चालीसा | Free Vindhyachal Chalisa PDF Download In Hindi 2023

Free Shiv Ji Chalisa PDF Download In Hindi 2023 | शिव चालीसा

Free Download Full Hanuman Chalisa PDF In Hindi 2023 – हनुमान चालीसा

मां लक्ष्मी चालीसा – Free Laxmi Chalisa PDF Hindi 2023

Free Ganesh Chalisa Pdf Hindi Download – गणेश चालीसा हिंदी पीडीएफ 2023

Hanuman Chalisa Pdf Tamil Free Download 2023 – ஹனுமான் சாலீஸா

Jai Hanuman Chalisa PDF Download || हनुमान चालीसा PDF


Share this article :

Leave a Comment